अब 6 दिन तक चलेगी परीक्षा, पूरी तरह CBT मोड में होगी आयोजित

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में वर्ष 2027 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब यह परीक्षा पारंपरिक पेन-पेपर मोड की बजाय पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। साथ ही परीक्षा एक ही दिन नहीं, बल्कि कम से कम छह दिनों तक अलग-अलग चरणों में कराई जाएगी। इसके लिए देशभर में 1,000 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाने की तैयारी है।

करीब 25 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने वाली इस परीक्षा के नए प्रारूप पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) काम कर रही है। बताया जा रहा है कि परीक्षा का आयोजन JEE Main की तर्ज पर अलग-अलग दिनों और शिफ्टों में किया जाएगा।

पेपर लीक विवाद के बाद लिया गया बड़ा फैसला

NEET-UG के परीक्षा पैटर्न में यह बदलाव 2024 के पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद किए जा रहे सुधारों का हिस्सा है। विवाद के बाद केंद्र सरकार ने संकेत दिया था कि परीक्षा को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए इसे पूरी तरह CBT मोड में बदला जाएगा।

शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच इस बदलाव को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन पेपर लीक विवाद के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आई।

मेडिकल के साथ इन कोर्सों में भी मिलता है प्रवेश

NEET-UG केवल MBBS और BDS में ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद (BAMS), यूनानी (BUMS), सिद्ध (BSMS) समेत कई स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश का आधार भी है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में यह बदलाव लाखों छात्रों को प्रभावित करेगा।

2026 में परीक्षा के बाद हुआ था री-एग्जाम

इस वर्ष 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे।

हालांकि परीक्षा के कुछ दिनों बाद गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं। 7 मई को NTA को अनियमितताओं की जानकारी मिली, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। इस पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।

परीक्षा सुधारों के लिए बनी थी हाई-लेवल कमेटी

परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को परीक्षा की सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

छात्रों के लिए क्या बदलेगा?

  • परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड (CBT) होगी।
  • परीक्षा कम से कम 6 दिनों तक अलग-अलग चरणों में आयोजित होगी।
  • देशभर में 1,000 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
  • परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर जोर रहेगा।
  • लाखों छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा पैटर्न के अनुसार तैयारी करनी होगी।

फिलहाल NTA नई परीक्षा व्यवस्था का विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद परीक्षा की तारीख, शिफ्ट, नॉर्मलाइजेशन और अन्य नियमों की जानकारी साझा की जाएगी।

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