बोले- भगवान शिव से जुड़ने का मिला सौभाग्य
योग्याकार्ता (इंडोनेशिया): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन हिंदू मंदिर का दौरा किया। इस दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मंदिर के संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर दर्शन किए और मंदिर परिसर का भ्रमण किया।
“भगवान शिव से जुड़ने का हमेशा मिला अवसर”
मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें जीवन में हमेशा किसी न किसी रूप में भगवान शिव से जुड़ने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा,
“सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद अब प्रम्बानन मंदिर के विकास कार्य से जुड़ना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
प्रधानमंत्री ने इस अवसर को भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक बताया।
मंदिर में बिताया करीब एक घंटा
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रम्बानन मंदिर में करीब एक घंटा बिताया। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना की, मंदिर के सेवकों और अधिकारियों से मुलाकात की तथा मंदिर संरक्षण कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर मंदिर यात्रा की तस्वीरें और विमान से रिकॉर्ड किया गया प्रम्बानन मंदिर का वीडियो भी साझा किया।
ऑस्ट्रेलिया रवाना हुए प्रधानमंत्री
इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के लिए रवाना हो गए। उनकी यात्रा के दौरान इंडोनेशियाई वायुसेना के पांच फाइटर जेट ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रहेंगे, जहां वे कई द्विपक्षीय कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लेंगे।
एक हजार साल पुराना है प्रम्बानन मंदिर
प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के निकट स्थित है और इसे दक्षिण-पूर्व एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है। पहले स्थान पर कंबोडिया का अंगकोर वाट मंदिर है।
करीब 1,000 वर्ष पुराने इस मंदिर परिसर में कभी लगभग 240 मंदिर हुआ करते थे। यहां भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित त्रिमूर्ति मंदिर स्थित हैं। इनमें 47 मीटर ऊंचा भगवान शिव का मंदिर सबसे विशाल है। मंदिर की दीवारों पर रामायण और अन्य हिंदू ग्रंथों की कथाओं को बेहद सुंदर नक्काशी के माध्यम से उकेरा गया है।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने वाली भी मानी जा रही है। प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण में भारत की भागीदारी दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करने का संकेत देती है।

