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September 6, 2026 6:03 pm

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राष्ट्रपति मुर्मू ने 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित, कहा- शिक्षक ही गढ़ते हैं देश का भविष्य

नई दिल्ली। शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के उत्कृष्ट शिक्षकों को शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 48 चयनित स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया। इन शिक्षकों का चयन देश के अलग-अलग हिस्सों से उनकी शिक्षण क्षमता, नवाचार, विद्यार्थियों के विकास में योगदान और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर किया गया है। समारोह में शिक्षा जगत से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे।

27 राज्यों और सात केंद्रशासित प्रदेशों से चयन

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुने गए 48 स्कूली शिक्षक देश के 27 राज्यों, सात केंद्रशासित प्रदेशों और छह केंद्रीय सरकारी संगठनों से हैं। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। चयन प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में पूरी की गई थी।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार पुरस्कार के लिए शिक्षकों के चयन में केवल परीक्षा परिणाम को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि उनके पूरे शिक्षण कार्य, विद्यार्थियों के साथ जुड़ाव, नए प्रयोगों, सामाजिक प्रभाव और स्कूल में शिक्षा के माहौल को बेहतर बनाने के प्रयासों को भी महत्व दिया गया।

तकनीक और नए प्रयोगों वाली शिक्षा पर जोर

समारोह के दौरान शिक्षकों की भूमिका को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं माना गया। बदलती शिक्षा व्यवस्था में तकनीक, नवाचार और विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को विकसित करने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रपति ने शिक्षक दिवस के संदेश में शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े लोगों से अपने ज्ञान को लगातार अपडेट करने, तकनीक को अपनाने और शिक्षण की नई पद्धतियों का इस्तेमाल करने का आह्वान किया। सरकार का जोर भी ऐसी शिक्षा व्यवस्था पर है जिसमें बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं बल्कि व्यावहारिक और रचनात्मक सीखने के अवसर मिलें।

शिक्षक पुरस्कार अब सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं

इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की तस्वीर इसलिए भी बड़ी है क्योंकि उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों के लिए भी अलग पुरस्कार व्यवस्था लागू है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षकों/फैकल्टी सदस्यों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।

इनमें आईआईटी, विश्वविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों और पॉलिटेक्निक से जुड़े शिक्षक शामिल हैं। पुरस्कार के लिए शिक्षण प्रभावशीलता, शोध, नवाचार, आउटरीच और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को आधार बनाया गया है।

शिक्षक दिवस पर सम्मान, रविवार से नई उम्मीद

शिक्षक दिवस के मौके पर हुआ यह सम्मान समारोह ऐसे समय में हुआ है जब देश की शिक्षा व्यवस्था तेजी से डिजिटल और तकनीक आधारित हो रही है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल सामग्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नए शिक्षण मॉडल का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

ऐसे में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षक उन प्रयोगों और प्रयासों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनसे शिक्षा को बच्चों के लिए अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाने की कोशिश हो रही है। शिक्षक दिवस के बाद रविवार से स्कूलों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां फिर उसी गति से जारी रहेंगी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने वाले शिक्षकों की कहानियां दूसरे शिक्षकों के लिए प्रेरणा का काम करेंगी।

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