मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की अमेरिकी कोशिशों के बीच शनिवार को मॉस्को में एक अहम कूटनीतिक मुलाकात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करीब तीन घंटे तक बातचीत की। बैठक में यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों और आगे की बातचीत को लेकर चर्चा हुई। हालांकि बैठक के बाद रूस की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया कि तत्काल युद्धविराम या शांति समझौता होने जा रहा है।
तीन घंटे की बैठक में क्या हुआ?
क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव के मुताबिक बैठक करीब तीन घंटे 10 मिनट चली। उन्होंने बातचीत को गंभीर, रचनात्मक और बेहद स्पष्ट बताया। उनके अनुसार चर्चा केवल यूक्रेन युद्ध तक सीमित नहीं रही, बल्कि रूस और अमेरिका के बीच संभावित बड़े द्विपक्षीय प्रोजेक्टों पर भी बातचीत हुई।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वॉशिंगटन लगातार मॉस्को और कीव के बीच बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले भी अमेरिकी अधिकारियों की रूसी नेतृत्व के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन युद्ध समाप्त कराने को लेकर अभी तक निर्णायक सहमति नहीं बन पाई है।
पुतिन ने फिर दोहराई ‘युद्ध के मूल कारण’ की बात
बैठक में पुतिन ने कथित तौर पर रूस की उस पुरानी स्थिति को दोहराया कि किसी भी स्थायी समझौते के लिए युद्ध के ‘मूल कारणों’ को दूर करना जरूरी होगा।
यही बिंदु शांति वार्ता में सबसे बड़ी अड़चनों में से एक रहा है। रूस जहां सुरक्षा और क्षेत्रीय मुद्दों को युद्ध की जड़ बताता है, वहीं यूक्रेन अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को लेकर किसी ऐसी व्यवस्था को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है जिससे उसके क्षेत्रों पर रूसी नियंत्रण को मान्यता मिले।

बातचीत चल रही है, लेकिन जंग भी जारी
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मॉस्को में कूटनीतिक बातचीत के साथ-साथ यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई भी जारी है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हालिया रूसी हमलों को अमेरिकी प्रतिनिधियों की मॉस्को यात्रा से जोड़ते हुए कहा है कि रूस के हमलों का उद्देश्य बातचीत के माहौल को प्रभावित करना हो सकता है। यूक्रेन के मुताबिक हालिया हमलों में बड़ी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ।
इससे साफ है कि बातचीत और युद्ध समानांतर चल रहे हैं—एक तरफ राजनयिक रास्ता तलाशा जा रहा है, दूसरी तरफ मैदान पर दबाव बनाए रखने की कोशिश जारी है।
अगला कदम क्या होगा?
बैठक के बाद अमेरिकी और रूसी पक्ष ने बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत जरूर दिए हैं, लेकिन किसी औपचारिक युद्धविराम की घोषणा नहीं हुई। अमेरिकी प्रतिनिधियों ने युद्ध खत्म करने से जुड़े कई संभावित विचार मॉस्को के सामने रखे हैं और आगे भी संपर्क जारी रहने के संकेत मिले हैं।
रूस ने भी अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है, लेकिन पुतिन की ओर से ‘मूल कारणों’ को हल करने पर जोर यह संकेत देता है कि मॉस्को अभी अपने प्रमुख रणनीतिक मुद्दों से पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा।
हमारी निगाह से
मॉस्को की यह बैठक इसलिए बड़ी है क्योंकि यूक्रेन युद्ध में पहली बार फिर बातचीत का चैनल अपेक्षाकृत सक्रिय दिखाई दे रहा है, लेकिन मैदान और मेज—दोनों जगह दबाव साथ-साथ बढ़ रहा है।
तीन घंटे की बातचीत अपने आप में बड़ी कूटनीतिक गतिविधि है, लेकिन इसे शांति समझौते की शुरुआत मानना अभी जल्दबाजी होगी। असली परीक्षा अब यह होगी कि वॉशिंगटन के प्रस्तावों पर मॉस्को और कीव कितनी दूर तक समझौता करने को तैयार होते हैं। अगर बातचीत के अगले दौर में ठोस शर्तें सामने आती हैं, तभी यह मुलाकात युद्ध खत्म करने की दिशा में वास्तविक कदम मानी जाएगी।







