ताज़ा ख़बरें
दिल्ली में भरभराकर गिरी 3 मंजिला इमारत, मलबे में छात्र फंसे: सत्य निकेतन में PG चल रहा था; 2 छात्रों को निकाला गया, बारिश के बीच रेस्क्यू जारी NEET PG 2026 में पहली बार बड़ी पारदर्शिता: NBEMS जारी करेगा आंसर की और Response Sheet बिहार के बाद अब दिल्ली में भी सियासी हलचल: खड़गे ने PM मोदी के SRCC भाषण पर साधा निशाना MPSC पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला: बोले- छात्रों का भरोसा टूटा, परीक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल झारखंड में ‘पेपर लूट’ पर सियासत गरम: भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, CBI जांच की मांग; 8 सितंबर से प्रदेशभर में आंदोलन त्रिपुरा में नया सियासी समीकरण: भाजपा-टिपरा मोथा-आईपीएफटी साथ लड़ेंगे चुनाव, आदिवासी समझौते पर भी बनी सहमति

September 6, 2026 6:04 pm

translate

Home » अंतर्राष्ट्रीय » फिर जागा अनाक क्राकाटोआ: ज्वालामुखी की राख ने रोकी उड़ानें, 6 एयरपोर्ट बंद; 22 हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित

फिर जागा अनाक क्राकाटोआ: ज्वालामुखी की राख ने रोकी उड़ानें, 6 एयरपोर्ट बंद; 22 हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित

जकार्ता। इंडोनेशिया में रविवार सुबह अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी के तेज विस्फोट ने जनजीवन और हवाई यातायात को झकझोर दिया। ज्वालामुखी से निकली राख पश्चिमी इंडोनेशिया के बड़े हिस्से में फैल गई, जिसके बाद राजधानी जकार्ता के प्रमुख सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट समेत छह हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन रोकना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक 22,000 से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए हैं।

इंडोनेशिया की ज्वालामुखी निगरानी एजेंसी के मुताबिक अनाक क्राकाटोआ में रविवार तड़के करीब 3:53 बजे लगभग 30 सेकंड तक विस्फोट हुआ। कैमरों में ज्वालामुखी से लावा निकलते हुए भी रिकॉर्ड किया गया।

इसके बाद दो अलग-अलग राख के बादल बने। एक राख का गुबार करीब 6,000 मीटर और दूसरा लगभग 15,000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा। हवा के साथ राख जावा, सुमात्रा और जकार्ता के आसपास के इलाकों की ओर फैल गई।

राख ने विमान सेवा के लिए पैदा किया बड़ा खतरा

ज्वालामुखीय राख विमान के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। इससे विमान के इंजन को नुकसान पहुंच सकता है और पायलट के लिए दृश्यता भी प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से सोएकार्नो-हट्टा एयरपोर्ट पर पहले कुछ घंटों के लिए संचालन रोकने का फैसला लिया गया, लेकिन राख की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद बंदी की अवधि बढ़ानी पड़ी।

परिवहन मंत्रालय के अनुसार 209 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं और हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। बाद की रिपोर्टों में कुल प्रभावित उड़ानों की संख्या 300 से अधिक बताई गई है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी इसका असर पड़ा।

छह एयरपोर्ट तक पहुंचा असर

ज्वालामुखी की राख का असर सिर्फ जकार्ता तक सीमित नहीं रहा। पश्चिमी इंडोनेशिया के कई हवाई अड्डों पर परिचालन प्रभावित हुआ। कुछ उड़ानें रद्द की गईं, जबकि यात्रियों को अपनी यात्रा आगे खिसकानी पड़ी।

स्कूल गतिविधियां भी कुछ क्षेत्रों में रोकनी पड़ीं। राख के कारण लोगों में आंखों में जलन की शिकायतें सामने आईं और मछुआरों ने भी समुद्र में जाने से परहेज किया। प्रशासन ने लोगों को मास्क और आंखों की सुरक्षा के उपाय अपनाने तथा अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

2018 की तबाही क्यों याद आ रही है?

अनाक क्राकाटोआ का नाम आते ही इंडोनेशिया में 2018 की भयावह सुनामी की याद ताजा हो जाती है। उस समय ज्वालामुखी की गतिविधि के बाद उसका एक हिस्सा समुद्र में धंस गया था, जिससे सुनामी पैदा हुई और जावा तथा सुमात्रा के तटीय इलाकों में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

हालांकि इस बार अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल तत्काल सुनामी का खतरा नहीं है। लोगों को फिर भी सतर्क रहने और ज्वालामुखी के तीन किलोमीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है।

ज्वालामुखी की गतिविधि पहले से बढ़ रही थी

अनाक क्राकाटोआ में शुक्रवार से ही गतिविधि बढ़ी हुई थी। रविवार के विस्फोट से पहले भी ज्वालामुखी से लावा और राख निकलने की घटनाएं दर्ज की गई थीं। विशेषज्ञ और स्थानीय एजेंसियां अब लगातार इसकी गतिविधि पर नजर रख रही हैं।

अनाक क्राकाटोआ जावा और सुमात्रा के बीच सुंडा जलडमरूमध्य में स्थित है। यह उसी क्षेत्र में है जहां ऐतिहासिक क्राकाटोआ ज्वालामुखी ने 1883 में बेहद विनाशकारी विस्फोट किया था।

हमारी निगाह से

इस घटना की सबसे बड़ी तस्वीर सिर्फ ज्वालामुखी का फटना नहीं है। एक विस्फोट ने कुछ ही घंटों में राजधानी के हवाई यातायात, स्कूलों, मछली पकड़ने और हजारों यात्रियों की आवाजाही को प्रभावित कर दिया।

फिलहाल सुनामी का खतरा नहीं बताया गया है और किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन 2018 का इतिहास बताता है कि अनाक क्राकाटोआ को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अब निगाह इस बात पर है कि ज्वालामुखी की गतिविधि अगले कुछ घंटों में शांत होती है या राख और विस्फोट का असर और बढ़ता है।

 

Share this post:

Follow us on

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

राशिफल