ताज़ा ख़बरें
दिल्ली में भरभराकर गिरी 3 मंजिला इमारत, मलबे में छात्र फंसे: सत्य निकेतन में PG चल रहा था; 2 छात्रों को निकाला गया, बारिश के बीच रेस्क्यू जारी NEET PG 2026 में पहली बार बड़ी पारदर्शिता: NBEMS जारी करेगा आंसर की और Response Sheet बिहार के बाद अब दिल्ली में भी सियासी हलचल: खड़गे ने PM मोदी के SRCC भाषण पर साधा निशाना MPSC पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला: बोले- छात्रों का भरोसा टूटा, परीक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल झारखंड में ‘पेपर लूट’ पर सियासत गरम: भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, CBI जांच की मांग; 8 सितंबर से प्रदेशभर में आंदोलन त्रिपुरा में नया सियासी समीकरण: भाजपा-टिपरा मोथा-आईपीएफटी साथ लड़ेंगे चुनाव, आदिवासी समझौते पर भी बनी सहमति

September 6, 2026 5:27 pm

translate

Home » अंतर्राष्ट्रीय » ईरान-अमेरिका टकराव फिर भड़का: अमेरिकी जहाजों पर मिसाइलें, जवाब में ईरान के 3 तेल टैंकर निशाने पर; खाड़ी में बढ़ा बड़ा खतरा

ईरान-अमेरिका टकराव फिर भड़का: अमेरिकी जहाजों पर मिसाइलें, जवाब में ईरान के 3 तेल टैंकर निशाने पर; खाड़ी में बढ़ा बड़ा खतरा

दुबई/तेहरान। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिका ने कहा कि उसके दोनों युद्धपोत हमले से बच गए और किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। इससे पहले अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया था।

अमेरिका ने तीन ईरानी टैंकरों को बनाया निशाना

तनाव की ताजा कड़ी तब शुरू हुई जब अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकरों पर कार्रवाई की। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन जहाजों का इस्तेमाल ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और उससे जुड़े नेटवर्क को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार दो टैंकरों को समुद्र में निष्क्रिय कर दिया गया, जबकि तीसरा जहाज M/T Kylo पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य जहाजों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।

ईरान का दावा- अमेरिकी जहाजों पर मिसाइल हमला

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि उसने एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और नेवी डेस्ट्रॉयर को निशाना बनाया। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी जहाज उसके समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही को रोकने की कोशिश कर रहे थे।

हालांकि अमेरिका ने कहा कि उसके दोनों युद्धपोत मिसाइल हमले से बच गए और अमेरिकी कर्मियों को कोई नुकसान नहीं हुआ। अमेरिका की ओर से यह भी चेतावनी दी गई कि उसके युद्धपोतों पर दोबारा हमला हुआ तो ईरान के खिलाफ कार्रवाई और कड़ी होगी।

होर्मुज की खाड़ी क्यों है सबसे बड़ा खतरा?

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल समुद्री रास्ते से इसी रणनीतिक मार्ग से गुजरता है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।

ताजा घटनाक्रम में ब्रिटेन के UKMTO ने भी उत्तरी अरब सागर और ओमान की खाड़ी में कई व्यापारिक जहाजों से जुड़ी ऐसी घटना की सूचना दी है, जिसमें जहाजों पर नुकसान पहुंचाने वाली फायरिंग की बात सामने आई है। एजेंसी ने अभी हताहतों या पर्यावरणीय नुकसान की पुष्टि नहीं की है।

ईरान की चेतावनी, अमेरिका का और कड़े जवाब का संकेत

ईरान के सैन्य नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी कार्रवाई जारी रही तो अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमले और तेज हो सकते हैं। दूसरी ओर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमला करता है तो उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाया जाएगा।

यानी अब टकराव केवल मिसाइल और युद्धपोतों तक सीमित नहीं रह गया है। तेल और समुद्री व्यापार भी इस संघर्ष का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं।

हमारी निगाह से

यह सिर्फ अमेरिका और ईरान के बीच एक और सैन्य टकराव नहीं है। असली खतरा यह है कि लड़ाई अब उस समुद्री क्षेत्र तक पहुंच रही है जहां से दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति जुड़ी है।

अगर अमेरिकी और ईरानी जहाजों के बीच टकराव लगातार बढ़ता है और होर्मुज में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका असर दोनों देशों की सीमाओं से बहुत दूर तक जा सकता है—तेल की कीमतों से लेकर एशिया और यूरोप के व्यापार तक। अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों पक्ष अगला कदम सैन्य रखेंगे या बातचीत का रास्ता फिर खुलेगा।

Share this post:

Follow us on

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

राशिफल